पूर्व माध्यमिक स्तर में कार्यरत महिला शिक्षकों के व्यक्तित्व का उनकी कार्य संतुष्टि पर प्रभाव: जांजगीर-चांपा जिले का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र का प्रमुख उद्देश्य पूर्व माध्यमिक स्तर में कार्यरत महिला शिक्षकों के व्यक्तित्व और उनकी कार्य संतुष्टि के मध्य संबंध तथा प्रभाव का विश्लेषण करना है। वर्तमान शैक्षिक व्यवस्था में महिला शिक्षक विद्यालयी अनुशासन, विद्यार्थियों के भावनात्मक विकास, नैतिक संवेदनशीलता तथा अधिगम-संवर्धन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसी स्थिति में उनका व्यक्तित्व केवल व्यक्तिगत गुणों का समूह न होकर शिक्षण-प्रभावशीलता, कक्षा-व्यवहार, सहकर्मियों से समन्वय, विद्यार्थियों के साथ संबंध तथा कार्य-संतोष का एक निर्णायक कारक बन जाता है। व्यक्तित्व के अंतर्गत आत्मविश्वास, भावनात्मक स्थिरता, सामाजिक समायोजन, उत्तरदायित्व-बोध, सहयोगात्मक दृष्टिकोण तथा नेतृत्व-क्षमता जैसे आयाम सम्मिलित होते हैं, जो शिक्षिका की कार्य-पद्धति और पेशागत संतुष्टि को गहराई से प्रभावित करते हैं। प्रस्तुत अध्ययन में मात्रात्मक, वर्णनात्मक तथा सहसंबंधात्मक शोध-विधि का उपयोग प्रस्तावित है। जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व माध्यमिक स्तर पर कार्यरत 200 महिला शिक्षकों को उद्देश्यपूर्ण नमूना चयन विधि द्वारा चयनित किया जाएगा। व्यक्तित्व के मापन हेतु मानकीकृत आयामी व्यक्तित्व सूची तथा कार्य संतुष्टि के मापन हेतु मानकीकृत कार्य संतुष्टि मापनी का उपयोग किया जाएगा। आँकड़ों के विश्लेषण हेतु औसत, मानक विचलन, पियर्सन सहसंबंध गुणांक तथा सरल रैखिक प्रतिगमन का प्रयोग किया जाएगा। अध्ययन से अपेक्षा है कि संतुलित, आत्मविश्वासी, भावनात्मक रूप से परिपक्व एवं सामाजिक रूप से समायोजित महिला शिक्षिकाएँ अपने कार्य के प्रति अधिक संतुष्टि का अनुभव करेंगी। यह शोध महिला शिक्षक-कल्याण, विद्यालयी वातावरण-सुधार तथा शिक्षा-प्रशासनिक नीतियों के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेगा।





