पं. दीनदयाल उपाध्याय कृत उपन्यास सम्राट चन्द्रगुप्त का उद्देश्य एवं भाषा शैली
Abstract
पं. दीनदयाल उपाध्याय 'सम्राट चन्द्रगुप्त' नामक इस उपन्यास में भारत के उज्जवल अतीत का गुणगान किया है। नाटक का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण है इस राष्ट्र निर्माण की नींव का निर्माण पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अपनी नव-नवोन्मेष शालिनी की प्रतिभा के बल पर किया है। और इस नींव पर दीवार उठाने का प्रयत्न किया है। उन्होंने नवीन पीढ़ी, उन नौनीहालों के मस्तिष्क को सुधरने, संवारने, संस्कारित करने की बात भी इस रचना में की है। जो राष्ट्र, वास्तव कल के राष्ट्र निर्माणक







