झारखण्ड मे कामकाजी महिलाओं के स्वास्थ एवं पोषण स्तर - एक अनुभजन्य अध्ययन
Abstract
महिलाओं का स्वास्थ्य एवं पोषण वर्तमान समय में अत्यंत गंभीर और चिंतनीय विषय बन गया है। यह केवल लैंगिक विषमता से संबंधित मुद्दा नहीं है, बल्कि समाज के हर उस पहलू से जुड़ा है जो महिलाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। यदि महिलाएं शारीरिक रूप से स्वस्थ और पोषण स्तर में संतुलित नहीं होंगी, तो वे देश के विकास में अपेक्षित योगदान नहीं दे सकतीं। किसी भी देश के विकास को मापने का प्रमुख संकेतक समाज में महिलाओं की स्थिति होती है। झारखंड भारत के प्रमुख राज्यों में से एक है, जो अपनी प्राकृतिक संपदा और जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। राज्य के गठन को 25 वर्ष होने को हैं, लेकिन अभी भी यह राज्य कई समस्याओं का सामना कर रहा है, जिनमें महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण स्तर प्रमुख हैं। झारखंड में कामकाजी महिलाओं की एक बड़ी संख्या असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत है, जहां वे विनिर्माण स्थलों, उद्योगों या कृषि क्षेत्र में मजदूर के रूप में मौसमी प्रवास करती हैं। हालांकि संगठित क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन असंगठित क्षेत्रों में यह संख्या काफी अधिक है। इस विषय पर हुए पूर्व के अध्ययनों से पता चलता है कि कामकाजी महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण स्तर विभिन्न आय वर्गों में भिन्न-भिन्न होता है।







