यौन अपराध: खामोशी से सशक्तिकरण तक एक समाजशात्रीय अध्ययन

Authors

  • Dr. Mandavi Rani Author

Abstract

यौन अपराध, समाज का एक गहरा घाव है जो पीड़ितों के जीवन को हमेशा के लिए बदल देता है। यह न केवल एक व्यक्तिगत अपराध है, बल्कि समाज की मानसिकता और संरचना पर गहरा प्रभाव डालता है। लैंगिक असमानता, यानी महिलाओं और पुरुषों के बीच मौजूद असमानता, समाज के एक गहरे जख्म की तरह है। यह असमानता न केवल सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी कई समस्याओं को जन्म देती है। इनमें से एक सबसे गंभीर समस्या है यौन अपराध। लैंगिक असमानता और यौन अपराधों के बीच एक गहरा संबंध है। जब किसी समाज में महिलाओं को पुरुषों से कमतर माना जाता है, उन्हें कम अधिकार होते हैं और उनके शरीर पर नियंत्रण का अधिकार नहीं होता, तो यौन अपराधों की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लैंगिक असमानता से पैदा होने वाला शक्ति का असंतुलन यौन अपराधों को बढ़ावा देता है। जब पुरुषों को महिलाओं पर अधिकार होता है, तो वे अपने शारीरिक बल और सामाजिक स्थिति का दुरुपयोग करके महिलाओं का यौन शोषण कर सकते हैं। समाज में महिलाओं के प्रति गलत नजरिया भी यौन अपराधों को बढ़ावा देता है।

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Published

2021-01-01

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How to Cite

यौन अपराध: खामोशी से सशक्तिकरण तक एक समाजशात्रीय अध्ययन. (2021). International Journal of Food and Nutritional Sciences, 10(12), 1685-1690. https://www.ijfans.org/index.php/Journal/article/view/4648