बुद्ध धर्म की वैचारिक पृष्ठभूमि और हिंदी साहित्य
Abstract
आज से लगभग ढ़ाई हज़ा र वषर् पूवर् बौद्ध धमर् का शुभारम्भ सारनाथ में भगवान बुद्ध के धम्मचक्कपवत्तन के साथ हुआ था. वस्तुतः धमर् रुपी चक्के का रूपक बहुकोणीय जीवन के सभी पक्षों को समेटता हुआ पिरवतर्न के सत्य का एक अनूठा बोध प्रस्तुत करता है.





