झारखण्ड के आदिवासी महिलाओं का स्वास्थ्य एवं पोषण - चुनौतियां एवं समाधान

Authors

  • 1डॉ. सीमा कुमारी Author
  • 2कंचनमाला सिन्हा Author

Abstract

स्वास्थ्य और पोषण मानव जीवन के मूलभूत घटक हैं, जो व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करते हैं। स्वस्थ शरीर और उचित पोषण से व्यक्ति की कार्यक्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। स्वास्थ का मतलब न केवल शारीरिक रोगों से मुक्त रहना है, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक स्थिति भी महत्वपूर्ण है। पोषण का मतलब उचित आहार प्राप्त करना है, जो शरीर की ऊर्जा और विकास के लिए आवश्यक है। इसका अध्ययन इसलिए जरूरी है क्योंकि यह समाज में रोगों, कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं की पहचान करने और समाधान खोजने में मदद करता है। झारखंड एक जनजाति प्रधान राज्य है, जहां लगभग 26 प्रतिशत जनसंख्या विभिन्न आदिवासी समुदायों की है। आदिवासी समुदाय के लिए स्वास्थ और पोषण हमेशा से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, क्योंकि उनकी जीवनशैली, खानपान, और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में कई बाधाएं रही हैं। राज्य के निर्माण के समय से ही इस समुदाय की स्थिति में सुधार लाने के लिए नीतियाँ बनाई जा रही हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय सरकार की योजनाओं का उद्देश्य आदिवासी महिलाओं और बच्चों को पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उचित सहायता प्रदान करना है।

Downloads

Published

2023-01-01

How to Cite

झारखण्ड के आदिवासी महिलाओं का स्वास्थ्य एवं पोषण - चुनौतियां एवं समाधान. (2023). International Journal of Food and Nutritional Sciences, 12(Special Issue 1), 589-594. https://www.ijfans.org/index.php/Journal/article/view/2948