‘प्राथमिक स्तर पर नैतिक शिक्षा के आधार पर ग्राम्य विद्यालय एवं शहरी विद्यालय की भूमिका का तुलनात्मक अध्ययन’’
Abstract
संस्कार निर्माण के उद्देश्य से जो शिक्षा दी जाती है वह शिक्षा नैतिक शिक्षा है। नैतिक शिक्षा नैतिक नियम की जानकारी मात्र नहीं है, वह बालक के संस्कारित कर उनका रुपांतरण करती है। नैतिक शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बालकों में संस्कारों का निर्माण करना है। हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी बालकों में जीवन मूल्यों, स्वस्थ दृष्टिकोण एवं मूल्यगत व्यवहारों का सक्रिय विकास हो ये स्वीकार किया है।







