पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका शोधार्थी
Abstract
शोध सारांशः- भारत में पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने का प्रावधान बहुत फायदेमंद रहा है। इसका सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि इससे गांव-गांव में महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण हुआ है। यह सच्चाई है कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष देशों में से एक है। हालांकि इस क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। कहने का मतलब यह है कि पंचायतीराज संस्थानों में महिलाओं का कारगर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में आने वाली तमाम बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने के लिहाज से अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इसके लिए संस्थागत और प्रशासनिक सुधारों को अमल में लाने और महिला प्रतिनिधियों के कौशल विकास व उनकी क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों से जुड़े हर तरह के आंकड़ों को जुटाना भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से न केवल महिलाओं की राजनीतिक हैसियत सशक्त होगी, बल्कि भारत की चुनावी राजनीति में महिलाओं की बराबरी की भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।







